प्राचीन ‘मारवाड़’ (इस समय राजस्थान कहते हैं ) की राजधानी रही ‘मालानी’ के नाम से प्रसिद्ध शहर  गुड़ामालानी”,  समुन्द्र तल से 41 मीटर (135फिट) ऊंचाई पर 1,28,254 हेक्टयर क्षेत्रफल में फैला हुआ हैं ।

बाड़मेर जिला मुख्यालय से 74 किलोमीटर दक्षिण की तरफ “मरूगंगा” नाम से विख्यात ‘लुनी’ नदी के तट पर यह नगरी बसी हैं ।
जनगणना के अनुसार 2011 में यहाँ की जनसंख्या तकरीबन 4,53,911 लोग हैं, जिसमे 2,37,113 पुरुष तथा 2,16,798 महिलाएं हैं ।

गुड़ामालानी राजस्थान का विधानसभा क्षेत्र भी हैं, यहाँ का उपखंड मुख्यालय एवं डिप्टी कार्यालय मेघा हाइवे के अहिंसा सर्कल पर स्थित हैं !
यहाँ के पवित्र स्थल – मंचापूर्ण बालाजी मंदिर, गायत्री मंदिर ,भूतेश्वर महादेव हैं आदि ।

अहिंसा सर्कल से महज 500 मी.धोरिमन्ना रोड़ पर ‘सुथार समाज संस्थान गुड़ामालानी’ द्वारा निर्मित “श्री विश्वकर्मा जी महाराज” का भव्य मंदिर शोभायमान हैं तथा हर साल श्री विश्वकर्मा जी महाराज की जयंती पर विशाल मेला लगता हैं ।

दूर गाँवो से सुथार समाज के लोग इस मेले में बढ चढकर हिस्सा लेते हैं, यहाँ तक कि, महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग भी आते हैं,वैसे तो सभी कोम से लोग आते हैं लेकिन सुथार समाज के आराध्य(इश्ट) देव “श्री विश्वकर्मा जी महाराज” ही हैं ।